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मुसाफ़िरBEST PLACE
Silent photographer
July 16, 2022

मुसाफ़िर

📍Silaudhi

मुसाफ़िर के रस्ते बदलते रहे मुक़द्दर में चलना था चलते रहे मिरे रास्तों में उजाला रहा दिए उस की आँखों में जलते रहे कोई फूल सा हाथ काँधे पे था मिरे पाँव शो'लों पे जलते रहे सुना है उन्हें भी हवा लग गई हवाओं के जो रुख़ बदलते रहे वो क्या था जिसे हम ने ठुकरा दिया मगर उम्र भर हाथ मलते रहे मोहब्बत अदावत वफ़ा बे-रुख़ी किराए के घर थे बदलते रहे लिपट कर चराग़ों से वो सो गए जो फूलों पे करवट बदलते रहे #shareWithPindle #pindle

💬 4 comments

Comments (4)


arun_sekar
arun_sekarJuly 16, 2022

nice click 😍

theartgraphy_001
theartgraphy_001July 16, 2022

mast😍

मुसाफ़िर - Pindle