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BEST PLACE


BEST PLACEमुसाफ़िर
📍Silaudhi
मुसाफ़िर के रस्ते बदलते रहे
मुक़द्दर में चलना था चलते रहे
मिरे रास्तों में उजाला रहा
दिए उस की आँखों में जलते रहे
कोई फूल सा हाथ काँधे पे था
मिरे पाँव शो'लों पे जलते रहे
सुना है उन्हें भी हवा लग गई
हवाओं के जो रुख़ बदलते रहे
वो क्या था जिसे हम ने ठुकरा दिया
मगर उम्र भर हाथ मलते रहे
मोहब्बत अदावत वफ़ा बे-रुख़ी
किराए के घर थे बदलते रहे
लिपट कर चराग़ों से वो सो गए
जो फूलों पे करवट बदलते रहे
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#pindle
💬 4 comments
Comments (4)

arun_sekarJuly 16, 2022
nice click 😍

theartgraphy_001July 16, 2022
mast😍
